Anti-Paper Leak Bill: शिक्षा और पेपर लीक मामले पर रिफॉर्म बिल का विरोध क्यों कर रही है विपक्ष?

27 जुलाई यानी सोमवार को मानसून सत्र की दूसरी बैठक हुई जहां लोकसभा में भाजपा के केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शिक्षा और परीक्षाओं से जुड़ी एक बिल पेश किया जिसका नाम The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 है, इस बिल को आम भाषा में एंटी-पेपर लीक बिल कहा जा रहा है। 
लेकिन जब यह बिल पेश किया गया और इसके बारे में बात करनी शुरू हुई तो विपक्ष ने भारी हंगामा और नारेबाज़ी करना शुरू कर दिया, जिसके कारण सदन को स्थगित करना पड़ा।


Anti-Paper Leak Bill 2026

विपक्ष का केंद्र पर आरोप

विपक्ष ने बिल को लेकर सरकार पर कई संगीन आरोप लगाया कि-

  • केंद्र सरकार इस कानून के बहाने राज्यों की शिक्षा व्यवस्था और राज्य स्तरीय परीक्षाओं पर अपनी पकड़ मजबूत कर करना चाहती है।
  • साथ ही NTA को असली समस्या बताते हुए प्रशासनिक नाकामी और भ्रष्टाचार कह दिया।

  • विपक्ष ने मुख्य विरोध बिल को लेकर नहीं, बल्कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर था।

Anti-Paper Leak Bill 2026


बिल में क्या प्रावधान था

अब बताते हैं कि उस बिल में आखिर क्या प्रावधान था:-
  • सबसे पहले प्रावधान था कि पेपर लीक करने वाले या नकल करने वाले व्यक्ति को 5 से 10 साल तक की सजा होगी।
  • दूसरा प्रावधान था कि- व्यक्तिगत दोषियों को अधिकतम ₹50 लाख रूपयों का जुर्माना होगा।
  • यदि कोई कोचिंग संस्थान, प्रिंटिंग प्रेस या परीक्षा कराने वाली कंपनी शामिल होगी तो उसे 5 से 10 करोड़ का जुर्माना होगा, साथ ही ऐसी कंपनियों को 8 साल के लिए बैन कर दिया जाएगा।
  • किसी भी पेपर लीक मामले की जांच शुरू होने के 2 महीने के भीतर उसे अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। सरकार इसके लिए 'स्पेशल टास्क फोर्स' (STF) भी बना सकती है।
  • मामले को जल्द से जल्द निपटने के लिए हर राज्य में स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे जिन्हें चार्जशीट दाखिल करने के 3 महीने के अंदर सुनवाई पूरा करना होगा।

अब सवाल यह उठ रहा है कि जब सरकार पेपर लीक को लेकर कोई कदम नहीं उठा रही थी तब कहा जा रहा था कि कदम उठाए इस पर रिफॉर्म बिल लेकर जाए और जब लेकर आया गया तो विपक्ष क्यों इस बिल का विरोध कर रही है क्यों सरकार का सपोर्ट नहीं कर रही है क्यों संसद में हंगामा मचा देती है क्या विपक्ष के पास कोई बेहतर उपाय है तो वह क्यों नहीं पेश कर रही है? फिलहाल पूरे मामले में आपका क्या कहना है कमेंट करके जरूर बताएं।


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